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जूलरी डिज़ाइनिंग में है रूचि, तो बनाएं इस तरह अपना करियर

नई दिल्लीः आजकल के दौर में युवाओं की रूचि फैशन डिज़ाइनिंग के साथ-साथ जूलरी डिज़ाइनिंग में भी बढ़ रही है. ऐसे में इस फील्ड के अंतर्गत युवा अपना करियर भली प्रकार से बना सकते हैं. इस बात का अंदाज़ा भारत में दुनिया का सबसे बङा डायमंड और जूलरी मार्केट है.

आपको बता दें कि, जूलरी डिज़ाइनिंग में करियर बनाने के लिए विद्यार्थियों के पास किसी स्पेसिफिक सब्जेक्ट का होना ज़रूरी नहीं है. किसी भी बैकग्राउंड के छात्र इस दिशा में प्रवेश कर सकते हैं. छात्र स्कूल के बाद सीथे डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं. हालांकि, कोर्स के लिए सबसे पहले विद्यार्थी को ऐप्टिट्यूड टेस्ट और इंटरव्यू पास करना ज़रूरी है.

सब्जेक्ट

कोर्स में स्टूडेंट्स को कलर स्कीम, डिजाइन थीम, प्रेज़ेंटेशन और फ्रेमिंग, इंडिविज़ुअल जूलरी पीस का डिजाइन करना, पुरुषों की जूलरी, कॉस्ट्युम जूलरी, कॉस्टिंग वगैरह के बारे में बताया जाता है. इसके अंतर्गत लोग किसी फील्ड के प्रोफेशनल जूलरी डिज़ाइनिंग वर्कशॉप में शामिल होकर अपना प्रोडक्शन हाउस भी खोल सकते हैं.

पेशे के लिए आवश्यक-

व्यक्ति को इस पेशे के लिए सबसे पहले इस पेशे का शौक होना ज़रूरी है. डिज़ाइन सेंस का होना बहुत जरूरी है. इसमें सफल होने के लिए नए-नए आइडिया पैदा करने वाला, क्रिएटिव और तकनीकी रूप से बेहतर होना चाहिए. इंटरनैशनल फैशन इंडस्ट्री और ग्लोबल ट्रेंड्स पर गहरी पकङ होनी चाहिए.

डिज़ाइनिंग के समय काम-

  • जूलरी डिज़ाइनिंग के लिए सबसे पहले कंप्यूटर या हाथ से स्केच तैयार करते हैं.
  • कस्टमर या मैन्युफैक्चरिंग टीम से परामर्श के बाद डिजाइनर एक खाका तैयार करते हैं.
  • कंप्यूटर मॉडलों से डिजाइनों के अलग-अलग विकल्प खोजने में आसानी होती है, जिससे डिजाइन की लागत कम आती है और समय बचता है.

जूलरी डिज़ाइनिंग के लिए इंस्टीट्यूट-

  • एनआईएफटी कैंपस, हौज़ खास, नई दिल्ली
  • पॉलिटेक्निक फॉर विमिन, लाजपत नगर 4, नई दिल्ली
  • जूलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (जेडीटीआई), नोएडा

 

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