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दिल्ली से कर्नाटक तक का कांग्रेस सफर, लोकसभा चुनावों में भी मिलेगा साथ

नई दिल्ली: कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनने के बाद मंत्रियों के भागों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस-जेडी(एस) के बीच की तकरार अब खत्म होती दिख रही है. कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री पांच साल तक बने रहेंगे. सरकार को बिना किसी झंझट के चलाने के लिए कांग्रेस और जेडीएस ने एमओयू तक साइन किया है.

गठबंधन से बनी कर्नाटक सरकार अब लंबे समय के लिए सूबे में सत्ता संभालेगी. कांग्रेस और जेडीएस के बीच की दूरियों को कम करने के लिए लिखित समझौते हुए हैं जिसके तहत अब यह भी तय हो गया है कि कुमारस्वामी पांच सालों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. साथ ही खबर यह भी है कि अगर सबकुछ ठीक ठाक चलता रहा तो इस बार कुमारस्वामी मुख्यमंत्री के तौर पर पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
बता दें कि इससे पहले कर्नाटक में भाजपा के गठबंधन के साथ कुमारस्वामी महज 22 महीनों तक ही मुख्यमंत्री रह पाए थे. लेकिन इस बार कांग्रेस और जेडीएस दोनों मिलकर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी.

कांग्रेस और जेडीएस के मतभेदों की आ रही सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने बताया कि हमारे गठबंधन का फोकस केवल विभागों के बंटवारे पर नहीं है. गठबंधन को मजबूत बनाने और दोनों दलों में बेहतर तालमेल के लिए एक को-ऑर्डिनेशन कमिटी के साथ ही कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाये जा रहे हैं. गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस का ताजा फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी नेता और डेप्युटी सीएम परमेश्वर ने कुछ दिनों पहले कहा था कुमारस्वामी का पांच साल तक समर्थन करने पर अभी फैसला नहीं हुआ है.

इसके बाद ही कुमारस्वामी ने पीएम मोदी से दिल्ली मिलने आने से पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह कांग्रेस की ‘दया’ पर निर्भर मुख्यमंत्री बने हैं न कि 6.5 करोड़ जनता के द्वारा चुने जाने पर. जेडीएस के महासचिव दानिश अली ने बताया कि अब सारी घोषणाएं लिखित समझौते के बाद ही की जाएंगी और पार्टी पांच साल तक के लिए एक स्थाई सरकार देने के लिए वचनबद्ध है.

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