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इस देश में नौकरी कर रहे दिल्ली के युवाओं को हो सकता है लौटना, वीजा नियमों में होगा बदलाव

एच-1बी वीजा के मसले पर अगर ट्रंप कड़ा रुख अपनाते हैं तो 70 हजार भारतीयों की नौकरी जा सकती है. इस बारे में ट्रंप प्रशासन ने जानकारी दी है कि एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों को जो एच-4 वीजा दिया जा रहा है उसे निरस्त करने का काम आखिरी पड़ाव पर है. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्युरिटी ने बताया कि एच-4 वीजा को जल्द खत्म करने की योजना है, क्योंकि इसको खत्म करने का काम आखिरी पायदान पर पहुंच चुका है.

एच-1 वीजा धारकों के जीवनसाथी को एच-4 वीजा देने की अमेरिका में योजना है. इस वीजा को भारत के लोग बड़ी संख्या में हासिल किये हुए हैं. ये वीजा उन भारतीयों को दिया जाता है जो अमेरिका में आईटी या अन्य क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं. इस वीजा के हासिल होने से वहां रहनेवाली उन बहुत सारी महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है, जो अपने पतियों के साथ वहां गई हुई हैं. इससे साफ है कि अगर अमेरिकी प्रशासन एच-1 बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों से ये वीजा ले लेता है या इसका प्रावधान रोक देता है तो वहां रहनेवाली 80 फीसदी से ज्यादा भारतीय महिलाएं बेरोजगार हो जाएंगी.

अमेरिका में इस तरह से 70 हजार पुरुष और महिलाएं हैं. हालांकि इनमें अधिक संख्या महिलाओं की है. एच-1 बी वीजा धारकों के पत्नियों को वर्क परमिट नहीं मिल सकेगा अगर अमेरिकी सरकार ये फैसला लेती है तो. ऐसे में काम करने का वहां कानूनी अधिकार उऩकी पत्नियों से छीन जाएगा. ट्रंप प्रशासन यह कदम अमेरिका में लंबे समय से उठ रही मांग और अमेरिकी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर उठाने जा रहा है.

सबसे बड़ी बात है कि मोदी सरकार ने परोक्ष रूप से कई बार इसके लिए कोशिश भी की कि अमेरिकी सरकार इस तरह की नीतियों को अपने देश में न लागू करे जिससे वहां रहनेवाले भारतीयों को कोई बड़ा नुकसान हो. और इसमें कोई दो राय नहीं कि अमेरिका की इन नीतियों पर भारत सरकार जरूर कुछ एक्शन लेगी ताकि अमेरिका इस तरह के निर्णय को लागू करने से पहले भारत को विश्वास में ले. इस समय भारत अमेरिकी संबंध भी काफी अच्छे हैं इसलिए इस संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता. आनेवाले समय में यह पता चल जाएगा कि अमेरिका में भारत का जादू कितना सिर चढ़कर बोलता है.

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