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वाड्रा के सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद कांग्रेस नेता के घर पर पहुंची ED की टीम

नई दिल्ली : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा के घर पर आज सुबह छापेमारी की है. लगभग एक घंटे की छापेमारी में पुलिस ने कुछ कागजात और सामान को जब्त किया गया है. इसके साथ ही जांच एजेंसी शर्मा को पूछताछ के लिए अपने साथ भी ले गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जगदीश शर्मा के घर पर शनिवार सुबह अचानक प्रवर्तन निदेशायल के अधिकारी पहुंचे और छापेमारी की. कागजातों को जब्त करने के बाद अधिकारी पूछताछ के लिए जगदीश शर्मा को भी अपने साथ ले गए. इस बात की पुष्टि करते हुए जगदीश शर्मा ने कहा कि मुझे ईडी के अधिकारी पूछताछ के लिए दफ्तर ले जा रहे हैं.

वाड्रा के करीबी हैं जगदीश
रिपोर्ट्स की मानें तो जगदीश शर्मा को रॉबर्ट वाड्रा के करीबी लोगों में माना जाता है. ईडी को शक है कि अपने काम से जुड़े कुछ दस्तावेजों को रॉबर्ट वाड्रा ने जगदीश शर्मा के घर पर भी छुपाया होगा, जिसके कारण यह छापेमारी की गई है.

प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई की. दरअसल, ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनियों से जुड़े कुछ लोगों के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की कार्रवाई की है. ईडी के द्वारा की गयी यह कार्रवाई करीब 16 घंटे तक चली.

रक्षा सौदे में कथित रिश्वत लेने का है मामला
बता दें कि वाड्रा और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ की गयी कार्रवाई रक्षा सौदे में कुछ लोगों द्वारा कथित रिश्वत लेने से जुड़े मामलों के तहत की गयी है. स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी कंपनी के एडवोकेट तबरेज ने आरोप लगाया है कि ईडी दिल्ली के सुखदेव विहार स्थित वाड्रा के ऑफिस में दरवाजे तोड़कर अंदर घुसी. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को 13 से 14 घंटे तक अंदर ही बंद रखा गया. उनका कहना है कि ईडी ने गेट में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिया और ऑफिस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया. इसके इलावा दफ्तर के सभी केबिन के ताले ईडी ने तोड़ दिए. ऐसी जानकारी है कि ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के दिल्ली स्थित 3 ठिकानों पर छापे मारे.

‘कार्रवाई राजनीति से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण’
ईडी के द्वारा की गयी इस कार्रवाई के बाद रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने बयान दिया है जिसमें इस छापेमारी की कार्रवाई को बदले की राजनीति से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण बताया गया. वकील ने कहा कि ईडी को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. इसके अलावा वाड्रा के वकील सुमन ज्योति खेतान ने कहा कि “5 वर्षों से, वर्तमान सरकार ने मेरे मुवक्किल वाड्रा को डराने, उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया है. सरकार ने बदनियती और उनकी छवि को बिगाड़ने और उनके परिजनों पर निशाना साधने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग समेत सभी एजेंसियों का इस्तेमाल किया.”

सुमन ज्योति खेतान ने आगे कहा कि “इसी इरादे से जयपुर और दिल्ली के ईडी अधिकारियों ने सुखदेव विहार, दिल्ली के दफ्तरों पर छापे मारे और इसके साथ ही नोएडा स्थित उनके सहयोगी के आवास पर छापा मारा. ये छापे पूरी तरह से अवैध तरीके से सुबह से ही मारे गए और किसी भी कर्मचारी को परिसरों में जाने की अनुमति थी.” खेतान का कहना है कि “इससे भी ज्यादा चौकाने वाला ये है कि सरकार या ईडी बार-बार आग्रह करने के बाद भी कार्यालय खोलने के लिए कर्मचारियों का इंतजार नहीं कर रहे थे. अधिकारी अवैध रूप से दरवाजों और तालों को तोड़कर ऑफिस में घुस गए.”

मोदी सरकार पर भड़की कांग्रेस
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पर तानाशाही रवैया अपना रही है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि “मोदी सरकार के पांव कब्र में लटके हैं पर बेलगाम और निरंकुश बादशाह को बादशाहत ऐसी चढ़ी है कि नियम, कानून, संविधान सब ताक पर रख पांव तले रौंद रहे हैं. 5 राज्यों में स्पष्ट हार का सामना कर रहे प्रधानमंत्री मोदी अपने पुराने आपराधिक हथकंडों पर उतर आए हैं. रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ बदले और प्रतिशोध की भावना से रेड करवाओ और भाजपा की हार से ध्यान भटकवाओ.”

उन्होंने कहा कि “सीबीआई, इनकम टैक्स व ईडी अब स्वतंत्र जांच ऐजेंसी की भूमिका की बजाए मोदी जी के निजी गुलाम व राजनीतिक दलाल की तरह काम कर रहे हैं, उन्हें न नियम कायदों की कद्र है और न ही राजनीतिक शुचिता की चिंता. दूसरी तरफ मोदी जी प्रधानमंत्री कीबजाए अब एक ‘डॉन’ की भूमिका में हैं और अपने गरिमामय पद का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों के प्रति बदला लेने के लिए कर रहे हैं.”

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