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लड़कियों की हक की आवाज बनती एक बेटी उर्वशी

नई दिल्ली : हमारे देश में महिलाओं को आज के दौर में भी काम काज देखने वाला ही समझा जाता है. महिलाओं के लिए ये विचार 21वीं सदी में, जब महिलाएं चांद तक पहुंच चुकी है, और हर क्षेत्र में पुरषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं रखना बेहद शर्मनाक है. लेकिन आज महिलाएं अपना ही नहीं देश का नाम भी दुनिया भर में रौशन कर रही है, और उन लोगों को मुंह तोड़ जवाब दे रही हैं, जिन्हें लगता है कि महिलाएं सिर्फ घर तक ही सिमित है. जबकि असलियत में समाज कल्याण के कामों में भी महिलाएं सबसे आगे हैं. ऐसी ही एक महिला हैं जिन्होंने समाजिक कार्यों से महिलाओं को वो स्थान दिलाया है, जिसकी वो हकदार हैं.

उर्वशी मित्तल का नाम उन महिलाओं में शरीक है, जो महिलाएं देश को विकसित बनाने में अपना योगदान दे रही हैं. क्योंकि जब तक समाज महिलाओं को लेकर अपनी सोच नहीं बदलेगा तब तक देश आंतरिक रूप से मजबूत और सशक्त नहीं बन पाएगा. फिर चाहे तकनीकी रूप से हम जो मर्जी हासिल कर लें, लेकिन हम व्यक्तिगत रूप जहां थे वहीं रह जाएंगे. क्योंकि एक महिला ही ऐसी खुशबू है जो समाज में फैल कर उसे प्रेम और शांति का पाठ पढ़ा सकती है. लेकिन आज के दौर में तो इंसान की सोच इतनी गिर चुकी है कि वो इन खुशबू की नन्हीं कलियों को कोख में ही मसल रहा है.

हम क्यों भूल रहे हैं कि अगर हम भुण्र हत्या कर रहे हैं, तो हम एक फूल की नहीं बल्कि उसकी एक पूरी पीढ़ी की हत्या कर रहे हैं. देश के विकास से पहले ऐसे लोगों की मानसिकता का विकास करना बेहद जरूरी है. और उर्वशी मित्तल समाज कल्याण के लिए लोगों की मानसिकता को बदलने की कोशिश ही कर रहीं हैं.

उर्वशी के इन्हीं कामों से प्रेरित होकर कई संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित भी किया है. उर्वशी कई ऐसी संस्थाओं के साथ काम करती हैं, जो महिलाओं के हक की अवाज़ उठाती है.

इसमें सबसे बड़ा नाम इनर व्हील कल्ब का है, ये संस्था इंटरनेशनल लेवल पर काम करती है. ऐसी ही कई संस्थाएं हैं, जिनकी मदद से उर्वशी महिलाओं को लेकर समाज की सोच बदलने का काम कर रही हैं.

उर्वशी कहती हैं कि कुछ लोग महिलाओं को अपनी जरुरत का समान समझते हैं और उन्हें अपने जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करते हैं. दुष्कर्म की घटनाओं पर उर्वशी कहती हैं कि देश के मौजूदा हलात ये साबित करते हैं, कि दुनिया में इंसान के भेष में कुछ लोग जानवरों की सोच लिए घूम रहे हैं, जिनका खात्मा जितनी जल्द हो जाए उतना अच्छा है. क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो दिन दूर नहीं, जब हमारी बच्चीयां घर से निकल भी नहीं पाएंगी. क्योंकि खूनी दरींदे उनके घर के बाहर निकलते ही उन्हें नोंचने के लिए उसका इंतजार कर रहे होंगे.

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